कृपेन्द्र तिवारी

Saturday, September 5, 2020

गुरु

दिप सम प्रज्वलित होकर,हरण करें तम अंधकार।
माली बन सींचे कमल सम,उस गुरु के हम कर्जदार।।

:-कृपेन्द्र तिवारी

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