Monday, August 26, 2019

अन्याय के विरुद्ध जागरूक होने का समय

मेरा व्यक्तिगत मानना और अभी तक के सामान्यजन के विभिन्न माध्यम से प्रतिक्रया का निरीक्षण करने से ज्ञात हुआ है,कि सभी आंदोलन,रैली एवं प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से युवा वर्ग के द्वारा किया गया है।

आगे आवश्यकता है,कि हमारे समाज के सभी वरिष्ठजनो को प्रत्यक्ष रूप से सामने आकर इसका विरोध करना चाहिए।

सामान्यतः अधिकतर लोगों का सोचना होता है,कि हमारा तो धंधा-पानी मस्त है हमे विरोध करने से क्या लाभ होगा,परंतु आगे हमारी पीढ़ी को ही इसका दंश झेलना पड़ेगा,तो जागृग होने का समय अभी ही है, "अब नही तो कभी नही" के भाव मन मे लेकर झूझने का समय है। इसी प्रकार की सोच कुछ नौकरशाहों की होती है..........जो ही सत्ता पर बैठे लोगो को ऐसी हिम्मत प्रदान करता है,की वो ऐसी निर्णय ले सके।।

और हमारे समाज के नेताओ की बात ही छोड़िये............कल के टीएस सिहदेव जी के बयान,कि "सामान्य इस राज्य में 6% है,तो आरक्षण तो 72% से भी बढ़ना चाहिए।" उनके इस अनारक्षित विरोधी बातो को उनके बगल में ही बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शैलेश पांडेय जी बड़े ही चाटुकारिता के भाव से सुन रहे थे। ऐसी निर्लज्जता..................विचारणीय है,चिंतनीय है।

:-कृपेन्द्र तिवारी

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