Tuesday, October 13, 2020

जन्मदिवस शुभकामनाये..... दीवान सर.....

शासकीय ई. राघवेन्द्र राव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय में सुचना प्रद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष,विज्ञान महाविद्यालय में ज्ञानार्जन हेतु आगंतुक नवपल्लवीत पुष्परूपी छात्रों के लिए एक ऐसे प्रेरणा पुंज,जिससे प्रकाशित होकर छात्र इस विशाल चराचर,प्रतिस्पर्धात्मक भौतिक जगत के आभामंडल में एक सूक्ष्म तारा (जो स्वयं प्रकाशित होने में सक्षम हो) का अतित्व स्थापित कर पाता है.........


ऐसे गुरु,जो महाविद्यालयीन सीमा को उल्लंघित कर प्रत्येक छात्र(जिसको एक मात्र सहारे की तलाश हो) को अपने प्रेरणास्पद वचनों से छात्रो को अपने इस सूक्ष्मतम जीवन मे उन विशालतम उचाईयो को प्राप्त करने के लिए(जिसकी परिकल्पना छात्रजीवन में करना,मात्र एक काल्पनिक कथा हो) मार्गदर्शित एवं प्रेरित करती है............


एक ऐसे नेतृत्वकर्ता,जिनके नेतृत्व की प्रामाणिकता इस तथ्य से अनुभवित किया जा सकता है,कि उनका कार्यभार अर्थात जिम्मेदारियों का दायरा क्या रहा है......इसकी चर्चा करना मात्र चर्चा की अनंतता को इंगित करता है अर्थात ऐसी चर्चा जिसका अंत न हो........इसका उदाहरण महाविद्यालयीन स्तर पर हो या चाहे अन्य क्षेत्र में हो..........चाहे वह सूचना प्रद्योगिकी विभाग के विभाध्यक के पद का संचालन करना हो या ऐसे शासकीय संगठन(जिसका उद्देश्य समाज के निर्माण करने वाले स्वयंसेवको का निर्माण करना हो)NSS,NCC के जिम्मेदारियों का पालन राष्ट्रीयता के भावना से परिपूरित होकर करना,जिससे यह स्वयंसेवक आगे समाज को एक स्वस्थ,सुगम एवं स्वत्रंतता रूपी दिशा में संचालित करे.........चाहे वह राज्य सरकार के निर्वाचन आयोग(जिसका निर्वाचन सम्पन्न कराने में सर्वोच्च स्थान है) में मास्टर ट्रेनर की भूमिका के रूप में प्रशिक्षण का कार्य हो.......ऐसी अनंत कार्य है.....जिनकी चर्चाएं अनंत है.......


एक ऐसे समाज सेवक,जो निर्विकार भाव से सदैव समर्पित होकर उसकी उन्नति हेतु प्रयत्नरत रहते है.......समाज के प्रति उनका समर्पण का अंदाजा बौद्धिक(शैक्षणिक),आर्थिक,शारीरिक एवं मानसिक रूप से संलिप्तता के दर्शन मात्र से लगाया जा सकता है..........सामाजिक दायर ऐसा कि, विश्व के सबसे बड़े संगठन के जिला स्तर पर छात्रों का प्रतिनिधित्व करते है.............


मेरे व्यक्तिगत जीवन मे....महाविद्यालय में प्रवेश के कुछ समय मे सम्पर्कित होने के पश्चात(ऐसे शिक्षक,जिनसे न चाहते हुए छात्र उनकी आभा से आकर्षित हो जाये,कुछ इसी प्रकार सर के संपर्क में आने के पश्चात) से लेकर सम्पूर्ण महाविद्यालयीन सफर में बिलासपुर जैसे अनजान जगहों पर एक जिम्मेदार पालक के दायित्व का निर्वहन करने के साथ,पितातुल्यता के भाव से प्रेरित एवं मार्गदर्शित कर जीवन पथ पर शास्वत रूप से कंटकाकीर्ण मार्गों के कांटो को अपने पुरुषार्थो से दूर करते हुए.........गतिमान होने हेतु प्रेरित करते है.......वो भी केवल मात्र एक निर्विकार एवं निस्वार्थ आकांक्षा,कि मेरे छात्र मानवीय जीवन के असीमित उचाईयो को(जो मानवीय कल्पनाओ में अस्तित्व रखता है)प्राप्त कर सके...........


ऐसे आदरणीय,सम्माननीय एवं पूज्यनीय गुरुवर,आचार्य श्री तरुणधर दीवान सर जी को उनके जन्मदिवस के इस शुभ एवं आंनदित अवसर पर हृदय की अन्तरतल से उद्वेलित भाव से अनंत,असीमित एवं अपर शुभकामनाये........💐🎂💐🎂



 ब्रम्हांड की समस्त ऊर्जाओं एवं शक्तियों से यही निवेदन की आप इसी प्रकार सफलता के असीम उचाईयो की प्राप्ति हेतु.....सदैव अग्रसर रहे एवं सफलता प्राप्त करते रहे......जिससे हमें गर्वित होने का अवसर प्राप्त होता रहे और हम भी आपके अनुगामी बन सके............आपके स्नेह एवं आशीर्वाद रूपी छाया हम पर सदैव आच्छादित हो..........इन्ही कामनाओ के साथ प्रणाम एवं सादर चरणस्पर्श सर.....🥰🥰❤️❤️


आपका अपना:- कृपेन्द्र तिवारी

" VIP दर्शन व्यवस्था "

मंदिर की परिकल्पना ऐसे स्थल के रूप में सर्वविदित है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति,जो उस पद्धति पर विश्वास रखता है, निर्बाध रूप से अपनी उपासना कर सक...