#माँ_दुर्गा_विसर्जन
पंडरिया नगर में दशहरा पश्चात गत वर्ष की भाँति माँ दुर्गा जी का विसर्जन होना था......लेकिन विसर्जन कार्यक्रम में हमारे ही जनमानस के द्वारा कुछ फूहड़ता,माँ की उपस्थिति को अपमानित करने वाली गीत-संगीत का चलाना........ जनमानस की आस्था को आहत करती थी।
इसी क्रम में नवरात्र पर्व प्रारम्भ होने के पूर्व नगर के गणमान्यजन विशेषत: व्यापारी संघ पंडरिया एवं पुलिस प्रशासन के साझा सहयोग एक नवाचारी पहल किया गया......यह पहल था,कि
1) माँ के विसर्जन को एक विशेष विषय पर आधारित थीम के अनुसार विसर्जन हेतु निकलना।
2) एक निश्चित समयांतराल में सभी की उपस्थिति।
3) समिति को प्रदाय झाँकी क्रमांक के अनुरूप अपनी झाँकी प्रस्तुत करते हुए आगे बढ़ना।
4)इस कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की अश्लीलता,फूहड़ता को शामिल नही करना,जिससे जनभावना आहत होती हो।
यह नवाचार वर्तमान में अपनी प्रासंगिकता में लगभग पूर्णता को प्राप्त करने की ओर अग्रसर रहा.......इससे आने वाले समय मे नगर को सांस्कृतिक रूप से अनेक लाभ होंगे....
1) समितियों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा विकसित होंगी।
2) इससे नगर के समिति एवं मंडल में रचनात्मकता का विकास होगा।
3) जाने अनजाने होने वाले माता के अपमान पर अंकुश लगेगा।
4) आने वाले वर्षों में पंडरिया नगर का नाम ख्यातिलब्ध होगा....साथ ही ऐसे प्रदर्शनों से समीपस्थ ग्रामीण बन्धुओ,माता-बहनों के द्वारा झाँकी दर्शन हेतु आगमन होगा।
जो निश्चित ही पंडरिया में पूर्व के राजकालीन परिदृश्य में दशहरा में जो परिवेश रहता था,उसे पुनः प्राप्त करने में सहायक होगा.....और एक उत्कृष्ट परमपरा विकसित होंगी........
ऐसी सोच के साथ आपका.......😊❤️🙏
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