Sunday, October 2, 2022
साक्षात्कार:-29 सितम्बर,2022
Wednesday, September 14, 2022
कार्यालयीन प्रशिक्षण अनुभव
विषय:-कार्यालय,क्षेत्रीय उपसंचालक,छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा,दुर्ग की ओर से विभाग एवं कार्यालय के क्रियाकलाप संबंधी जानकारी हेतु दिनांक 07/09/22 से 09/09/22 तक त्रिदिवसीय प्रशिक्षण सत्र पर प्रतिविचार बाबत।
•प्रथम दिवस:-दिनाँक 07/09/22 को ज्येष्ठ संपरिक्षक मैम श्रीमती सरला साहू एवं सुश्री मिथिलेश्वरी शर्मा जी के द्वारा प्रातः 11 बजे से छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा प्रक्रिया एवं स्थानीय निकाय के संबंध में प्राथमिक परिचय दिया गया। जिससे हमें अपने कार्यालय के द्वारा किये जा रहे अंकेक्षण कार्य हेतु निकाय संबंधी जानकारी प्राप्त हुए। सबसे महत्वपूर्ण यह रहा,कि हमे हमारे विभाग का पूर्व नाम "स्थानीय निधि संपरीक्षा" का नामनुरूप जानकारी एवं वर्तमान नाम रखने संबंधी प्रासंगिकता समझ मे आयी।
द्वितीय सत्र श्रीमती गुपेश्वरी मैडम जी का रहा,यह सत्र मेरे लिए अति महत्वपूर्ण रहा,क्योकि इस कार्यालय संबंधी वास्तविकता एवं यथार्थ से परिचय मैंम से प्रात्यक्षिकता के फलस्वरूप ही प्राप्त हुआ। जिस तारतम्य में अंकेक्षित निकाय में किये अंकेक्षण कार्य के फलस्वरूप हमारे द्वारा अपनायी जाने वाली प्रतिवेदन की प्रक्रिया को बड़े ही सहज एवं सरल भाषा शैली में व्यक्तिगत अनुभव के माध्यम से समझाया गया। प्रतिवेदनों का निकाय से संचालनालय तक पहुचने की स्तरबद्ध जानकारी उल्लेखनीय रही। तथा प्रतिवेदनों का विधान सभा पटल मे रखने की प्रक्रिया समझाकर एवं वार्षिक प्रतिवेदन को हमारे समक्ष प्रस्तुत किया गया।
•द्वितीय दिवस:-दिनाँक 08/09/22 का प्रथम सत्र श्रीमती अरुणा पवार जी तथा एवं श्री दीनबंधु चतुर्वेदी सर का रहा,लेकिन किसी कारणवश श्री चतुर्वेदी सर की अनुपस्थिति में उस सत्र का संचालन श्री होमन कुमार ठाकुर सर के द्वारा किया गया,जिसमें "ऑडिट ऑनलाइन" विषय पर कंप्यूटर के माध्यम से प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया गया,विषय का नया स्वरूप एवं तकनीक आधरित होने के कारण उक्त विषय पूर्णरूपेण समझ नही आया लेकिन विषय के प्रति समझ पैदा हुई।
आगे अरुणा मैम के द्वारा संपरीक्षा अधिनियम,1973 का वाचन करते हुए,उसके सैद्धान्तिक स्वरूप से अवगत कराया गया।
द्वितीय सत्र श्री अतुल कुमार अग्रवाल एवं श्रीमती रामेश्वरी मैम के द्वारा लिया गया। अग्रवाल सर का द्विदिशीय वार्तालाप एवं प्रश्नोत्तर शैली,विषय के समझ हेतु मन को सहज ही आकर्षित करता है और साथ ही रामेश्वरी मैम का समझाने के प्रति उत्सुखता।
श्री अग्रवाल सर के द्वारा हमारे अब तक के कार्यालयीन समझ का आंकलन कर गबन,अंकेक्षण शुल्क एवं मासिक माहिती की जानकारियां प्रदान किया गया।जिसमें रामेश्वरी मैम के द्वारा भी निकायों के उक्त विषय संबंधी परिचय कराया गया।
•तृतीय दिवस:-दिनाँक 09/09/22 को श्री दिनेश कुमार सर के द्वारा बजट,स्थापना,वेतन निर्धारण एवं अधिभार संबंधी समस्त जानकारी सह अधिनियम प्रदान किया गया। श्री सर जी का प्रशिक्षण सत्र के साथ उनकी उपस्थिति इस कार्यालय में एक अभिभावक की भूमिका को पूरा करता है। सर के द्वारा प्रदत्त वेतन निर्धारण एवं अवकाश संबंधी जानकारी अत्यधिक आकर्षित करने वाला था।
Sunday, October 17, 2021
"75 दिनों का विश्वप्रसिद्ध दशहरा"
Thursday, May 27, 2021
ब्राह्मणजनों का दायित्व
Friday, January 8, 2021
अमेरिकी संसद में हिंसा
लोकतंत्र के सही मायने,ये हमको क्यो बतलाते तुम।।
स्वयं के संसद में देखो,कि कैसे हिंसा प्रस्फुटित हुए।
स्वार्थसत्ता के भावों से,जनमत से क्यो तुम रुष्ट हुए।।
देशवासियो के निर्णय और जनमत का सम्मान करो।
सहर्ष गर्व के भावों से तुम सत्तापद से विश्राम करो।।
:-कृपेन्द्र तिवारी......
Thursday, December 31, 2020
नववर्ष,2021 पर विचार
Saturday, December 19, 2020
संगठित होना है जरूरी.....
संगठित_होना_है_जरूरी
भारतीय इतिहास संघर्षो का इतिहास है।इसमे अनेक आक्रमणकारी प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक आये,उनके द्वारा स्थानीय शासन से परस्पर विस्तारवादी नीतिओ को लेकर संघर्ष होते रहे.......लेकिन इतिहास के अध्ययन का उद्देश्य ही होता है,कि पूर्व में दोहराई गई गलतियो का पुनःआचरण न हो....
भारतीय इतिहास में इस संघर्ष और गुलामी के पीछे के कारण को हम तर्कसंगत दृष्टिकोण से देखे तो स्पष्टीकृत होता है,कि हममे चिरकाल से लेकर अधुनातन काल तक संगठन,परस्पर सहयोग और समन्वय की भावना का अभाव रहा है। यही कारण रहा कि हमारा भारत देश एक केंद्रीकृत राष्ट्र के रूप में पूर्व से छवि बनाने में असफल रहा है....केवल अपवाद जैसे चंद्रगुप्त मौर्य जैसे शासको के शासनकाल को छोड़कर......
महत्वपूर्ण कारणों का अध्ययन करे तो दृष्टिगत होता है,कि हमारी स्वार्थिक भावना तथा साम्राज्यवादी नीतियां ऐसी रही है,कि जो हमारे लिए ही घातक सिद्ध होती रही.....ऐसी विचारधारा कि "आक्रमणकारी शत्रु राज्य पर आक्रमण कर रहा है तो मुझे क्या मतलब" ऐसे भाव ही हमारे गुलाम होने का सबसे महत्वपूर्ण कारण है.......जो हमारे पूर्वजो के संकीर्ण मानसिकता का उपज है..........
हमे "unity is strength" अर्थात एकता में ही शक्ति है के मूलभूत भाव को आत्मसात करना चाहिए.....और आज के परिदृश्य में यही हमारी एकता का भाव,आक्रमणकारी बाबर के सेनापति "मीर बाकी" के द्वारा 1528 में तोड़े गए मंदिर के पश्चात किये गए मस्जिद निर्माण के क्रूरतम कदम का निवारण आज कर रही है......इसका मुख्य कारण है हिन्दू पक्ष का जागृत होना.....एकमय होना.......सुसंगठित होना.......
इस जागरण और एकमय भावना को प्रसारित करने के संघर्ष में लाखों हिन्दू बंधु-बांधव और हमारे पूर्वजो ने अपने प्राणों की आहुतियां दी है......इसी जागरण और एकता के सूत्र में पिरोने का संकल्प ले "राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ" की नींव रखी गई......जो सार्थक और प्रभावी रूप से लोगो के अंतर्मन में राष्ट्रप्रेम,धर्मप्रेम एवं समर्पण,ऐसा कि सर्वस्व न्यौछावर कर दे........ऐसे भाव को भारतीय जनमानस में संचार कर उनके हृदय में अन्तरग्रहीत कराये.....
इसका प्रतिफल हमारे समक्ष है,कि वो एतिहासिक क्षण के हम साक्षी बन रहे है,जिनके लिए लाखों बलिदान हुए......."श्री रामचंद्र जी के मंदिर" का निर्माण अपने चरम पर है........
यह मंदिर केवल मात्र मंदिर नही है,बल्कि यह वह राष्ट्रमन्दिर है,जो हमे याद दिलाता रहेगा कि ये हमारी एकता का प्रतिफल है और सदैव भविष्य में इस भावना को जागृत करने हेतु प्रेरित करता रहेगा...........
तो लेख के लेखन का सार स्पष्ट है,कि हम यदि संगठित है......तो भारतवर्ष को विश्वगुरु बनने से कोई नही रोक सकता........
आपका:-कृपेन्द्र तिवारी
" VIP दर्शन व्यवस्था "
मंदिर की परिकल्पना ऐसे स्थल के रूप में सर्वविदित है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति,जो उस पद्धति पर विश्वास रखता है, निर्बाध रूप से अपनी उपासना कर सक...
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क्रिकेट के मक्का लार्ड्स के मैदान में हो रहे,क्रिकेट विश्वकप मैच २०१९ के फाइनल मैच को देखकर शायद ही कोई ऐसा बंदा रहा हो...
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लगभग दो वर्ष के कोरोना महामारी के दौर में सरकारी नियोजन(नौकरी) में हुए स्थगन के पश्चात "भर्ती प्रक्रिया" ने दम भरना प्रारम्भ ही कि...
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आज के दिवस का प्रारम्भ प्रातः काल मे 4:30 में हुआ। ये रहा अपने निज निवास पंडरिया से अपने कार्यक्षेत्र में गमन करने के लिए तैयारी का क्रम। कड़...